मोबाइल वॉलेट को मोबाइल मनी या मोबाइल मनी ट्रांसफर के रूप में भी जाना जाता है. यह ऐसी तकनीक है जो दिन और प्रतिदिन लोकप्रिय हो रही है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि मोबाइल वॉलेट आखिर है क्या और यह कैसे काम करता है, इसको इस्तेमाल करने के कुछ फायदे हैं भी या नहीं, कौन- कैन से मोबाइल वॉलेट भारत में उपयोग किए जाते हैं इत्यादि को जानने के लिए आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.
सबसे पहले अध्ययन करते हैं कि मोबाइल वॉलेट क्या है?
मोबाइल वॉलेट एक प्रकार की भुगतान सेवा है जिसके माध्यम से व्यवसाय और मोबाइल उपकरणों के जरिये व्यक्ति धन प्राप्त कर सकते हैं और भेज सकते हैं. यह ई-कॉमर्स मॉडल का ही एक रूप है जिसे मोबाइल उपकरणों के साथ उनकी सुविधा और आसानी से पहुंच के कारण उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. मोबाइल वॉलेट को मोबाइल मनी या मोबाइल मनी ट्रांसफर के रूप में भी जाना जाता है.
साधारण शब्दों में कहे तो मोबाइल वॉलेट मोबाइल में खोले जाने वाले बैंक खाते के समान है. इसमें पैसे डिजिटल मनी की तरह स्टोर किए जाते है. जिस प्रकार से इंटरनेट की मदद से अन्य खातों को बनाया गया है उसी प्रकार से यह भी एक वर्चुअल खाता ही है जो मोबाइल नंबर लेते वक्त दिए गए डिटेल्स को आधार बनाकर पैसे का लेन देन करता है. उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं और वहां बिल देने के लिए आप इस वॉलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह तभी मुमकिन हो सकता है जब रेस्टोरेंट किसी मोबाइल वॉलेट सर्विस प्रोवाइड से जुड़ा हो. इससे आप बिल आसानी से अपने मोबाइल से चुका सकते हैं. आप एप, टेक्स्ट मैसेज, सोशल मिडिया या वेबसाइट से भी पैसा चुका सकते हैं.
मोबाइल वॉलेट कितने प्रकार का होता है?
भारत में तीन प्रकार के मोबाइल वॉलेट उपलब्द हैं.
1. ओपन वॉलेट (Open Wallet)
इस प्रकार के वॉलेट में खरीदारी और वित्तीय सेवाओं के भुगतान के साथ-साथ नकदी निकालने की सुविधा भी होती है. इसमें एटीएम और अन्य किसी निर्धारित माध्यम से पैसा निकाला जा सकता है. इस प्रकार के वालेट भारत में बैंक द्वारा ही जारी किए जाते हैं. उदाहरण के लिए वोडाफोन का ऍम-पैसा ऐसे वॉलेट में रखा जा सकता है.
2. सेमी क्लोज्ड वॉलेट (Semi Closed Wallet)
इस वॉलेट के तहत आप ऑनलाइन शौपिंग कर सकते हैं तथा कोई भी सर्विस ले सकते हैं परन्तु इससे आप कैश नहीं निकाल सकते हैं. उदाहरण के लिए पेटीएम.
3. क्लोज्ड वॉलेट
यह काफी लोकप्रिय सर्विस है. इस वॉलेट में ऑर्डर के कैंसिल होने पर व्यापारी अथवा दुकानदार के पास पैसा लॉक्ड रहता है. यानी जब किसी विशेष सेवा प्रदाता कंपनी की सेवाओं के लिए उस कंपनी विशेष के वॉलेट में कुछ राशि डालते हैं और उसे सिर्फ कंपनी की सेवाओं पर ही खर्च किया जा सकता हो तो इस तरह के वॉलेट को क्लोज्ड वॉलेट कहते हैं. उदाहरण के लिए फ्लिप्कार्ट, स्नैपडील और अमेजन जैसी कंपनियों की वेबसाइट पर अपना खाता बनाकर उसमें आप पैसा ट्रांसफर करके सिर्फ इन्हीं साइट्स पर खरीदारी कर सकते हैं. इनसे न तो आप नगद पैसा निकाल सकते हैं और न दूसरों की सेवाओं का भुगतान कर सकते हैं.

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